पिक्चर मॉर्फिंग के बढ़ते खतरे पर सुमित परिहार के द्वारा लड़कियों के लिए सेफ्टी टिप्स
Binary Raise व गर्ल साइबर डिफेन्स मिशन के संस्थापक सुमित परिहार के द्वारा हाल ही में पिक्चर मॉर्फिंग के बढ़ते खतरे को देखते हुए लड़कियों के लिए कुछ साइबर सुरक्षा टिप्स सांझा किये गए जिसको ध्यान में रखने पर कोई भी लड़की इस तरह के खतरे से बच सकती है। पाठको से आग्रह रहेगा की इस आर्टिकल को पढ़ कर आगे ओर लड़कियों तक शेयर करे जिससे वो भी इस तरह के खतरे व ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बच सके व अगर आपका कोई सवाल या सुझाव होतो कमेंट में बताये।
पिक्चर मॉफिंग एक प्रक्रिया है, जिससे किसी भी व्यक्ति की फोटो के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर फोटो को इतनी दक्षता के साथ बदल दिया जाता है कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। पहले इस तकनीक का इस्तेमाल सिनेमा जगत तक ही सीमित था लेकिन धीरे-धीरे इंटरनेट के कारण यह आम आदमी तक पहुंच गई और इसका दुरूपयोग होने लगा। इस तकनीक का इस्तेमाल कर लड़कियों के फोटों के साथ छेड़छाड़ की गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लड़की की फोटो सोशल मीडिया से उठा कर उससे अश्लील प्रोफाइल बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर उसे ब्लैकमेल किया गया। ऐसे ही कुछ मामलों में मानसिक रूप से परेशान हो लड़की के आत्महत्या कर लेने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इससे बचने के लिए लड़कियों को कुछ सावधानियां रखनी चाहिए ताकि वे ऐसी जालसाजी का शिकार न हो सकें। जैसे:-
■ सार्वजनिक वेबसाइटों पर अपने फोटो अपलोड न करें।
■ अपने इंस्टाग्राम, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट रखें।
■ सोशल मीडिया पर कभी अपने हाई क्वालिटी फोटो साझा न करें।
■ ऑनलाइन ऐसे फोटो डालने से बचें, जिनमें आपका चेहरा स्पष्ट दिख रहा हो, जैसे सेल्फी आदि।
■ सेल्फी लेते हुए ध्यान रखें कि आपका मुंह एकदम सीधा यानी 90 डिग्री के कोण पर न हो, अपना चेहरा थोड़ा टेढ़ा रखें।
■ फोटो क्लिक करते समय आंखों पर कलरफुल चश्मा भी पहन सकती हैं। यह काफी असरदार तरीका है। इससे पिक्चर मॉर्फिग सॉफ्टवेयर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
■ किसी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाली फोटो एडिटिंग एप अथवा वेबसाइट के प्रयोग से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें तथा यह पता लगाएं कि वे आपके डेटा को अपने सर्वर पर किस प्रकार प्रोसेस करेंगे।
■ इंटरनेट से किसी भी तरह के प्रोग्राम को इंस्टॉल करने से पूर्व उसकी प्रामाणिकता की जांच कर लें। इस प्रकार के आपराधिक मामलों की शिकायत cybercrime.gov.in पर अथवा 1930 पर करें।
सुमित परिहार के द्वारा लिखित यह आर्टिकल अभी तक विभिन्न अंतराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मैगज़ीन में प्रकाशित हो चूका है जिसमे भारत की पाथेय कण पत्रिका भी सम्मिलित है।

इसको आगे ओर लोगो तक शेयर करे जिससे वो इस तरह के खतरों से बच सके। जय हिन्द

SUMIT PARIHAR
( Founder & CEO : Binary Raise )
( गर्ल साइबर डिफेन्स मिशन के संस्थापक )
