16 अरब पासवर्ड लीक : इतिहास की सबसे बड़ी साइबर चोरी पर सुमित परिहार की विशेष रिपोर्ट

20 जून 2025 की सुबह इंटरनेट उपयोग करने वाले अरबों लोगों के लिए एक खतरनाक समस्या लेकर आई है। विश्व की सबसे बड़ी डेटा लीक घटनाओं में से एक की पुष्टि हुई है, जिसमें 16 अरब से अधिक पासवर्ड्स और लॉगिन क्रेडेंशियल्स सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन उजागर हो गए हैं। यह कोई आम चोरी नहीं थी — यह एक ऐसा सुनियोजित साइबर हमला था, जिसमें एक साथ Google, Facebook, Apple, Instagram, Netflix, Telegram, GitHub, यहां तक कि सरकारी पोर्टल्स तक के अकाउंट्स को निशाना बनाया गया।


यह डेटा लीक कैसे हुआ?

सबसे पहले जानना जरूरी है कि यह लीक किसी एक कंपनी के सर्वर को हैक करके नहीं हुआ। इसके पीछे एक खतरनाक तकनीक है जिसे Infostealer Malware कहा जाता है। ये मैलवेयर किसी भी यूज़र के सिस्टम में चुपके से इंस्टॉल हो जाते हैं— कभी किसी डाउनलोड की गई फाइल के ज़रिए, तो कभी किसी वेबसाइट पर क्लिक करके। एक बार ये एक्टिव हो जाएं, तो ये आपके ब्राउज़र, cookies, saved passwords, login tokens और even आपके clipboard में कॉपी किए गए डेटा तक को चुरा लेते हैं। इन Infostealer प्रोग्राम्स ने पिछले कुछ महीनों में लाखों सिस्टम्स से यूज़रनेम, पासवर्ड, ईमेल आईडी और login session डेटा चुराया और फिर उसे डार्क वेब या पब्लिक डेटा शेरिंग प्लेटफ़ॉर्म्स पर एक साथ अपलोड कर दिया। लगभग 30 अलग-अलग डंप्स को मिलाकर 16 अरब से अधिक लॉगिन्स एक सिंगल डेटाबेस में सामने आए।


क्या प्रभावित हुआ है?

इस लीक में केवल सोशल मीडिया अकाउंट्स नहीं, बल्कि:

  • बैंकिंग और पेमेंट गेटवे लॉगिन्स (जैसे PayPal, UPI linked emails),
  • ईमेल प्लेटफ़ॉर्म्स (Gmail, Outlook),
  • क्लाउड सर्विसेज (Google Drive, iCloud),
  • सरकारी लॉगिन पोर्टल्स (जैसे Digilocker, IRCTC, सरकारी स्कीम साइट्स),
  • VPN सेवाएँ और डेवेलपर प्लेटफ़ॉर्म्स (GitHub, AWS) तक के डेटा शामिल हैं।

मतलब, अगर आपका अकाउंट कभी भी किसी डिवाइस पर लॉगिन रहा है — वो डिवाइस अगर संक्रमित हो गया, तो आपका डेटा भी खतरे में है।


खतरा कितना बड़ा है?

इस डेटा लीक को साइबर विशेषज्ञ सुमित परिहार “Digital Chernobyl” की तरह देख रहे हैं। क्योंकि यहां बात केवल पासवर्ड की नहीं है, बल्कि उन कुकीज़ और लॉगिन टोकन्स की है जिनसे हैकर बिना पासवर्ड के भी आपके अकाउंट्स में लॉगिन कर सकते हैं। खासकर अगर आपने कहीं 2FA (Two-Factor Authentication) चालू नहीं कर रखा है, तो आपका अकाउंट अब तक हैक हो चुका होगा और आपको शायद पता भी न चला हो। इसी डेटा से Credential Stuffing (यानी एक ही पासवर्ड को अलग-अलग साइट्स पर ट्राय करना), Phishing Attacks, Impersonation, Blackmail, और Identity Theft जैसी गंभीर साइबर क्राइम्स को अंजाम दिया जा सकता है।


अब आप क्या कर सकते हैं?

अगर आप चाहते हैं कि आपका अकाउंट सुरक्षित रहे, तो निम्नलिखित स्टेप्स तुरंत अपनाइए:

  1. सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें – जैसे Gmail, Facebook, Instagram, बैंकिंग ऐप्स, आदि।
  2. हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें – पासवर्ड मैनेजर जैसे Bitwarden या Google Password Manager इस्तेमाल करें।
  3. Two-Factor Authentication (2FA) को तुरंत चालू करें – यह आपके अकाउंट में एक अतिरिक्त सुरक्षा दीवार जोड़ता है।
  4. पासकी (Passkey) सिस्टम अपनाएं – ये फिशिंग-रेसिस्टेंट हैं और केवल आपके डिवाइस पर ही वर्क करते हैं।
  5. HaveIBeenPwned.com जैसी साइट्स से चेक करें कि आपका ईमेल/फोन लीक हुआ है या नहीं।
  6. अपने ब्राउज़र की cookies, saved sessions, और remembered passwords क्लियर करें।
  7. विश्वसनीय एंटीवायरस से सिस्टम को स्कैन करें और पुराने/अनजाने सॉफ़्टवेयर को हटा दें।

क्या यह सब पहले भी हुआ है?

हां, लेकिन इस बार का मामला इसलिए अलग है क्योंकि:

  • डेटा पुराना नहीं है, बल्कि नए-नए चोरी हुए क्रेडेंशियल्स शामिल हैं।
  • सेशन टोकन्स और cookies भी शामिल हैं, जिससे बिना पासवर्ड भी लॉगिन संभव है।
  • और डेटा बेहद structured है – जिससे हैकर आसानी से “targeted attacks” कर सकते हैं।

अब ज़रा रुकिए – सुरक्षा का एक असली हथियार भी है…

जब बात सुरक्षा की आती है, तो सिर्फ खबर पढ़ना काफी नहीं होता। हमें चाहिए actionable intelligence, real-world techniques और emotional awareness। इसी सोच के साथ Binary Raise ने पेश किया है: “Girl Cyber Defence” — एक ऐसी किताब जो विशेषकर साइबर खतरों से लड़ने की तकनीक सिखाती है। इसे लिखा है बाइनरी रेज के संस्थापक व पेशेवर हैकर सुमित परिहार ने, जिन्होंने इस लीक जैसे बड़े मामलों पर रिसर्च कर पूरी दुनिया को आगाह किया है। यह किताब 150+ देशों में प्रकाशित है और अब Flipkart व Amazon दोनों पर उपलब्ध है। इस किताब में इस तरीके के बड़े – बड़े खतरों से निपटने के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में गुप्त तरिके बताये गए है। इसको अभी आर्डर करके पढ़े अन्यथा अगले साइबर शिकार आप होंगे और अखबारों में साइबर हमलो से पीड़ितों के रूप में आप सुर्खियों में होंगे इसलिए यह एक छोटी सी किताब आपके बैंक अकॉउंट के लाखो रूपए हैकरो के पास जाने से बचा सकती है। यह किताब विश्व की पहली और एक मात्र किताब है जिसमे साइबर क्राइम से बचाव के सटीक तरिके बताये गए है। आप अभी Flipkart या Amazon पर “Girl Cyber Defence by Sumit Parihar” सर्च करें और आर्डर करे ।


शोधकर्ता – Sumit Parihar

Sumit Parihar एक सम्मानित और बहुआयामी साइबर क्राइम विशेषज्ञ, हैकर, और डार्क वेब रिसर्चर हैं, जिन्होंने “Binary Raise” नामक एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की साइबर इंटेलिजेंस संस्था की स्थापना की। यह संस्था आज न केवल भारत, बल्कि अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी सेवाएं पहुँचा रही है। Sumit का कार्यक्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण है — ये डिजिटल फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन, हैकिंग अटैक रिवर्सिंग और गोपनीय साइबर मिशनों में अज्ञात नेटवर्क ट्रेसिंग जैसी उच्च स्तरीय सेवाएं प्रदान करते हैं। इनकी टीम ने कई बार darknet आधारित ऑपरेशनों का खुलासा करके लड़कियों और बच्चों को मानव तस्करी, साइबर ब्लैकमेल और डिजिटल छवि शोषण से बचाया है।

इनके नेतृत्व में Binary Raise ने भारत में पहली बार “Girl Cyber Defence” जैसी मिशनरी पहल शुरू की — जो खासकर लड़कियों और महिलाओं को online traps, deepfake scams, social engineering, और AI‑based manipulation से बचाने के लिए एकीकृत तकनीकी व भावनात्मक जागरुकता अभियान है। Sumit Parihar को उनके योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है — जिनमें “Vishwaratan Award”, “National President Award”, और कई विदेशी संस्थानों से प्राप्त Cyber Peace Medal, Forensic Innovation Honor, और Darknet Investigation Shield जैसे खिताब शामिल हैं। उनकी लिखी हुई किताब “Girl Cyber Defence” आज 154+ देशों में पढ़ी जा रही है और इसे Flipkart, Amazon, और अन्य प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म्स पर दुनिया भर के माता-पिता और शिक्षकों द्वारा खरीदा जा रहा है।


निष्कर्ष

यह 16 अरब पासवर्ड का लीक एक चेतावनी है कि आपकी डिजिटल जिंदगी में अब लापरवाही की कोई जगह नहीं बची है। जितनी जल्दी आप समझेंगे कि “अब सिर्फ strong password काफी नहीं, smart awareness जरूरी है”, उतनी जल्दी आप सुरक्षित होंगे। अपना डेटा सुरक्षित कीजिए, अपने आसपास के लोगों को हमारी बुक : गर्ल साइबर डिफेन्स गिफ्ट करके उनको सतर्क कीजिए…

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